हाजीपुर: भाजपा समर्थित अधिवक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, बलिदान दिवस पर किया नमन
जिला विधिज्ञ संघ भवन में आयोजित कार्यक्रम, हरेश कुमार सिंह बोले: जम्मू-कश्मीर को भारत का अटूट अंग बनाने के लिए दी थी कुर्बानी
हाजीपुर, 26 जून 2026 |
हाजीपुर। जिला विधिज्ञ संघ भवन स्थित पुस्तकालय कक्ष में भाजपा समर्थित अधिवक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण अर्पित कर श्रद्धापूर्वक बलिदान दिवस मनाया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी किसान मोर्चा अधिवक्ता हरेश कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण एवं अभिन्न अंग बनाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान जम्मू-कश्मीर में ही दिया था।
उन्होंने कहा, “भारत सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों का विरोध कर जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट प्रवेश करने के बाद 23 जून 1953 को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हुई थी।”
हरेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत में आचार्य चाणक्य ने अखंड, संप्रभु और शक्तिशाली भारत के निर्माण का सपना देखा था जिसे आजाद भारत में साकार करने का प्रण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने लिया था।
“जिस जम्मू-कश्मीर में भारत का कोई भी कानून लागू नहीं हो पाता था, जम्मू-कश्मीर में अलग कानून लागू था जिसे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक राष्ट्रीय नारा ‘एक देश दो विधान दो निशान दो प्रधान नहीं चलेगी’ को राष्ट्रव्यापी नारा बनाया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 तथा 35-ए हटाकर पूर्ण रूप से श्रद्धांजलि देने का काम किया है। बंगाल की जनता ने भाजपा को स्वीकार कर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार किया है।”
अधिवक्ता रवि किरण ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन वृत्त एवं कृतित्व पर विस्तृत चर्चा की।
अध्यक्षता व संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता विधि प्रकोष्ठ वैशाली दक्षिणी जिला संयोजक अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने की। संचालन अधिवक्ता रविन्द्र सिंह कुशवाहा एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सुरेन्द्र राय ने किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद, धनंजय कुमार, गुड्डु कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, हरेंद्र ठाकुर, पंकज कुमार, श्रद्धा शिवांगी प्रवक्ता विधि प्रकोष्ठ, राम प्रसाद, अरविंद कुमार सिंह सहित काफी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को श्रद्धापूर्वक मनाया।
