फ़ैज़ हत्याकांड में एस आई टी जांच की मांग को लेकर फूटा जनाक्रोश, हजारों महिलाओं-पुरुषों ने निकाला ‘न्याय की मशाल जुलूस’

डिप्टी मेयर नाज़िया हसन के नेतृत्व में डीएम को सौंपा 8 सूत्री ज्ञापन; महिलाओं की सुरक्षा, फ़ैज़ हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सी सी टी वी जांच, ₹ पचास लाख मुआवजा और स्पीडी ट्रायल की उठी मांग
मधुबनी संवाददाता मो सालिम आजाद
दरभंगा में बढ़ते अपराध, महिलाओं की सुरक्षा और चंदनपट्टी यामाहा एजेंसी के मैनेजर फ़ैज़ अहमद हत्याकांड समेत अन्य घटनाओं के विरोध में शुक्रवार की शाम हजारों महिलाओं, युवाओं और पुरुषों ने “न्याय की मशाल जुलूस” निकाला। पुरानी मुंसिफी से शुरू हुआ यह विशाल मशाल जुलूस उर्दू बाज़ार, करमगंज, इमामबाड़ी, दारूभट्टी और लोहिया चौक होते हुए लहेरियासराय टावर पहुंचा। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने अपराध पर रोक, महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
जुलूस में महिलाओं का नेतृत्व दरभंगा नगर निगम की उप महापौर (डिप्टी मेयर) नाज़िया हसन ने किया। उनके साथ दरभंगाञकी महापौर अंजुम आरा, अमना सफ़ी, सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी, दरभंगा को 8 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि कादिराबाद सुंदरपुर की पांच वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म एवं हत्या के दोषियों को शीघ्र कठोर सजा दिलाई जाए। साथ ही फ़ैज़ अहमद हत्याकांड की एस आई टी एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा सी सी टी वी फुटेज में दिखाई देने वाले सभी संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जाए। इसके अलावा फ़ैज़ अहमद के परिजनों को सरकारी नौकरी एवं ₹ पचास लाख का मुआवजा, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सी सी टी वी कैमरे तथा पुलिस गश्त बढ़ाने, नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस टीम के गठन और गंभीर आपराधिक मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग भी की गई।
प्रदर्शन में ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नज़रे आलम, वार्ड पार्षद मो. फिरोज, मुन्ना खान, कमरे आलम, डॉ. आफताब आलम, भोलू यादव, शाहिद अतहर, मो. अशरफ, जमीर खान, डॉ. मंसूर खुश्तर, मो. जमीदुल, हबीब असगर, रफ़ी नश्तर, फैसल रहमान आमिर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दरभंगा की पहचान शांति और सांस्कृतिक सौहार्द की रही है, लेकिन लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अपराधियों के विरुद्ध निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए तथा महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
