हाजीपुर में विश्व पर्यावरण दिवस पर संकल्प सभा, पुरस्कार वितरण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वैशाली, स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान, वैशाली तथा भारत स्काउट एवं गाइड, वैशाली के संयुक्त तत्वावधान में स्काउट भवन, हाजीपुर में “संकल्प सभा सह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम”** का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों से लोगों को अवगत कराना तथा युवाओं एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन **माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वैशाली श्री हर्षित सिंह, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अलका सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनोज कुमार तिवारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सह सचिव स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान श्री सुधीर शुक्ला द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उच्च विद्यालय, जंदाहा की गाइड छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत से हुई, जिसने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का मन मोह लिया। इसके पश्चात सभी अतिथियों का स्काउट-गाइड परंपरा के अनुरूप स्कार्फ एवं स्मृति-चिह्न (प्रतीक चिन्ह) प्रदान कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला संगठन आयुक्त एवं पर्यावरण कार्यकर्ता ऋतुराज ने किया। अपने संबोधन में जिला जज ने कहा कि आज प्लास्टिक प्रदूषण पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। यदि हम अभी से इसके प्रति सजग नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकटों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्काउट-गाइड सदस्यों से प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपस्थित स्काउट-गाइड सदस्यों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को पूर्णतः त्यागने के लिए जागरूक किया गया। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे वृक्षारोपण को बढ़ावा देंगे, नदियों एवं जल स्रोतों को स्वच्छ रखेंगे, प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर नहीं फेंकेंगे तथा अपने-अपने क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
*“पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस मनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की दैनिक जिम्मेदारी है। प्रकृति के संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।”* उन्होंने स्काउट एवं गाइड सदस्यों के अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी यदि पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर आगे बढ़े तो समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित रहकर उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त करने तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि हम सभी को पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने में सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है अपने आसपास में वृक्षारोपण अवश्य करें तथा प्रकृति को स्वच्छ रखें।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता से संबंधित आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता एवं स्लोगन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं स्काउट-गाइड सदस्यों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
स्वागत भाषण देते हुए श्री सुधीर शुक्ला ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण केवल न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने का ही कार्य नहीं करता, बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।कार्यक्रम के अंतर्गत स्काउट भवन परिसर में सभी अतिथियों एवं स्काउट-गाइड सदस्यों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। इस दौरान पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेते हुए उन्हें पर्यावरण सुरक्षा का प्रतीक बताया गया।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए **ऋतुराज ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, स्काउट-गाइड सदस्यों, शिक्षकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास ही स्थायी समाधान प्रदान कर सकते हैं और स्काउट-गाइड आंदोलन इस दिशा में लगातार जन-जागरूकता अभियान चला रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, स्काउट-गाइड सदस्यों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
