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पातेपुर के चकईया में दिव्यांग की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा का प्रयास, एसडीओ से न्याय की गुहार* (*हस्तक्षेप नहीं हुआ तो हो सकता है खून-खराबा*)

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पातेपुर के चकईया में दिव्यांग की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा का प्रयास, एसडीओ से न्याय की गुहार* (*हस्तक्षेप नहीं हुआ तो हो सकता है खून-खराबा*)
रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार/ सुधीर मालाकार।
पातेपुर (वैशाली)प्रखंड के चकईया गांव में एक दिव्यांग व्यक्ति की पुस्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा घर बनाने का प्रयास कर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित दिव्यांग *राम प्रवेश सिंह* ने महुआ एसडीओ को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

*क्या है पूरा मामला:*
आवेदक राम प्रवेश सिंह, पिता दारोगा कुंवर ने एसडीओ को बताया कि ग्राम चकईया, थाना तीसीऔटा, अंचल पातेपुर स्थित मौरुसी भूमि पर विपक्षी दबंगों द्वारा जबरन कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

*जमीन का विवरण:*
1. *पुराना रिकॉर्ड*: खाता 242, खेसरा 630, रकवा 3डी, जानिब पश्चिम।
2. *नया सर्वे*: खाता 242, खेसरा 630, रकवा 9डी और खेसरा 631, रकवा 4डी।
3. *खतियान*: रामदेव कुंवर पिता मंचित कुंवर, परीक्षण कुंवर पिता ब्रह्मदेव कुंवर और दारोगा कुंवर पिता प्रदीप कुंवर के नाम इंद्राज है।

तीनों भाइयों के बीच बखूदाह बंटवारा हुआ था। बंटवारे में खेसरा 630 का रकवा 3डी, जानिब पश्चिम और खेसरा 631 का रकवा 1.33डी, जानिब पश्चिम दारोगा कुंवर के हिस्से आया था।

खेसरा 631 रकवा 1.33डी पर दारोगा कुंवर के वारिसान का फूस का बथान, नाद-खुटा, मवेशी और भूसा घर दारोगा कुंवर के समय से बना हुआ है। इससे सटे उत्तर में खेसरा 630 का रकवा 3डी है, जो दारोगा कुंवर के दखल-कब्जे में शुरू से है। इस जमीन का प्रयोग दारोगा कुंवर बारी-झाड़ी के रूप में करते आए हैं और इसी रास्ते से होकर वे खेसरा 630 के उत्तर में स्थित बिहार सरकार की सड़क पर आते-जाते हैं।

*दबंगों का दुस्साहस:*
राम प्रवेश सिंह ने आवेदन में आरोप लगाया है कि विपक्षी गण दबंग और अपराधी प्रवृत्ति के हैं। उनकी लाठियात और मामलेबाज अपराधी लोगों से साठ-गांठ है। वे जबरन आवेदक की जमीन को कब्जाना चाहते हैं और घर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

पीड़ित दिव्यांग ने एसडीओ से आग्रह किया है कि यदि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करेगा तो जमीन विवाद में कभी भी खून-खराबा हो सकता है।

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