Nasim Rabbani

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर वैशाली में बड़ा रेस्क्यू: दूसरे दिन 5 बच्चे मुक्त कराए गए”

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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर वैशाली में बड़ा रेस्क्यू: दूसरे दिन 5 बच्चे मुक्त कराए गए”

वैशाली: जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत धावा दल ने गुरुवार को भगवानपुर और गोरौल प्रखंड से कुल 5 बच्चों को रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई श्रम संसाधन विभाग वैशाली, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल वैशाली और स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में की गई।

सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। साथ ही नियोक्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सह सचिव और स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि 12 जून, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह एवं आरक्षी अधीक्षक विक्रम सियाग के निर्देश पर जिले में व्यापक छापेमारी जारी है। हमारा उद्देश्य बिहार को बाल श्रम मुक्त राज्य बनाना है।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि बाल श्रम अधिनियम के तहत बच्चों से काम कराना अपराध है। दोषी नियोक्ता पर ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना और 2 वर्ष तक की कैद का प्रावधान है। साथ ही विमुक्त कराए गए बच्चों को श्रम संसाधन विभाग द्वारा ₹3,000 की सहायता राशि भी दी जाती है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में गोरौल और भगवानपुर थाने की पुलिस, बचपन बचाओ आंदोलन की अनुपम कुमारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के इंस्पेक्टर याकूब अली, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के प्रतिनिधि नीलू कुमारी, राजीव कुमार, गुड्डू कुमार आदि शामिल थे।

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