Nasim Rabbani

फेके गए लाखों की जीवन रक्षक दवाइयों का किया गया भंडारण

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फेके गए लाखों की जीवन रक्षक दवाइयों का किया गया भंडारण

फेके गए दवा को उठाने के लिए पहुंची पदाधिकारी की टीम को ग्रामीणों के साथ हुई बकझक, वरीय पदाधिकारी द्वारा बेरोजगार युवकों पर तंज कसे जाने के कारण भड़के लोग, गुस्साए लोगों के प्रश्न के सामने हक्के-बक्के हुए पदाधिकारी
महुआ। रेणु सिंह

लाखों रुपए की जीवन रक्षक दवाओं को महुआ के पानापुर लंगुरांव स्थित चिमनी के खोदे गए गड्ढे में फेक जाने के तीसरे दिन गुरुवार को पदाधिकारियों की टीम पहुंचकर उसे एक-एक कर उठवाया और महुआ अनुमंडल अस्पताल में भंडारण किया गया। वहीं वरीय पदाधिकारी के द्वारा ग्रामीण बेरोजगार युवकों पर तंज कसे जाने के बाद लोग भड़क उठे और उनकी न सिर्फ जमकर क्लास ली बल्कि जनता के कटघरे में खड़ा भी किया।
सनद हो कि करीब तीन दिनों से उक्त जगह पर फेके गए भारी मात्रा में लाखों की जीवन रक्षक दवाइयां की खबर मीडिया में आने के बाद उसे उठाने और मामले को रफा दफा करने के लिए पदाधिकारीयों और मेडिकल टीम दो दिनों तक पहुंचती रही। जबकि ग्रामीणों के आक्रोश के सामने उनका कुछ नहीं चला। जिससे दवा उठाने के लिए लेकर आए औषधि वाहन को के साथ बैरंग वापस होना पड़ा। इसी बीच गुरुवार को जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल कार्यालय के द्वारा जारी पत्र पर स्वयं एसडीओ विवेक चंद्र पटेल, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, महुआ और राजापाकर बीडीओ व दोनों जगह के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अलावा विभिन्न पदाधिकारीयों और भारी संख्या में पुलिस के साथ मेडिकल टीम उक्त जगह पर पहुंची। हालांकि इसके बावजूद भी स्थानीय लोग उनका घेराव किया और पदाधिकारीयों का जमकर क्लास लिया। जहां पर जनता की अदालत में पदाधिकारी उनके प्रश्नों के सामने हक्के-बक्के दिखे। महुआ अनुमंडल के पदाधिकारी द्वारा बेरोजगार लोगों पर तंज कसे जाने के बाद लोग भड़क गए। हालांकि पदाधिकारी ने लोगों को इस तंज को दिल पर नहीं लेने और दवा उठाव करने देने के लिए अपील किया। काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए पदाधिकारी ने फेके गए दवा की जांच कर फेंकने वालों पर उचित कार्रवाई करने और इसकी जानकारी लोगों के बीच मीडिया के मार्फत से देने के अपील के बाद लोग शांत हुए।
फेके गए दवा को लेकर तरह-तरह की चर्चा:
महुआ के पानापुर लगुरांव चौड़ में फेके गए लाखों की जीवन रक्षक दवा को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है। जितने लोग उतनी बातें सुनने को मिल रही है। ऐसे तो पदाधिकारी द्वारा बताया जा रहा है की दवा दूसरे जिले की है। कुछ बंडल पर मुजफ्फरपुर लिखा हुआ पाया गया है। इससे प्रतीत होता है कि उधर इलाके के मेडिकल अस्पताल की यह दवा होगी। फिर भी यह चर्चा की जा रही है कि जब 80 फीसद दवा की एक्सपायरी डेट अभी 2 साल बाकी है तो इसे क्यों फेंका गया। कुछ लोग दबे जुबान से यह भी चर्चा कर रहे हैं कि कहीं दवा की आर यहां शराब तो नहीं खपाया गया। बहरहाल दवा को उठाकर महुआ अनुमंडल अस्पताल में भंडारण किया गया है।

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