*दिन में ही रात का नजारा, काली घटा देख जल उठे सोलर लाइट*
(*महुआ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मक्का किसानों को राहत, दलहन को नुकसान*)
रिपोर्ट: सुधीर मालाकार
महुआ (वैशाली)
ज्येष्ठ के महीने में मौसम ने ऐसी करवट ली कि दिन में ही रात का एहसास हो गया। शुक्रवार सुबह से ही आकाश में बादलों की दौड़-धूप ने बारिश की आशंका बढ़ा दी थी।
सुबह 8 से 9 बजे के बीच पश्चिम दिशा से उठी ऐसी काली घटा कि पूरा आकाश अंधेरी रात में बदल गया। बच्चे दिन में रात का नजारा देख खुशी से शोर मचाने लगे, वहीं पशु-पक्षी घबराए नजर आए। बिजली के खंभों पर लगे ऑटोमेटिक सोलर लाइट भी रात समझकर एकाएक जल उठे, जिसे देख लोगों में कौतुक और बढ़ गया।
इसके बाद गरज के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई जो कई घंटे तक होती रही। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लग्न का महीना न होने से अधिकांश लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन कई जगह श्राद्ध कार्यक्रम वाले परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यह बारिश मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं गरमा दलहनी फसल उड़द-मूंग को नुकसान पहुंचा है। समाचार लिखे जाने तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नही है।
