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महुआ अनुमंडल के 315 विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला डायट हाजीपुर में संपन्न

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महुआ अनुमंडल के 315 विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला डायट हाजीपुर में संपन्न । (“निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार” विषय पर 5 उप-विषयों पर हुई गहन चर्चा )

हाजीपुर( वैशाली )
32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के जिला स्तरीय आयोजन के क्रम में महुआ अनुमंडल के विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला डायट, हाजीपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन डायट की प्रधानाध्यापिका श्रीमती शालिनी प्रसाद, साइंस फॉर सोसायटी वैशाली के अध्यक्ष प्रो. नवल किशोर शर्मा, आर. एन. कॉलेज, हाजीपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रियंका चोपड़ा तथा बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला समन्वयक श्रीमती सीमा सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस वर्ष का मुख्य विषय “निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार” निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत 5 उप-विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई:
1. अपशिष्ट प्रबंधन के लिए R5 – कम करना, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण
2. ऊर्जा के लिए E4 – अन्वेषण, प्रयोग, संवर्धन एवं विकास। इस पर प्रो. नवल किशोर शर्मा ने ऊर्जा संरक्षण एवं नवाचार में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
3. वर्षा जल संचयन – जल संसाधनों का उपयोग, पुनर्चक्रण एवं संरक्षण। डॉ. प्रियंका चटर्जी ने जल प्रबंधन के विभिन्न आयामों को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया।
4. भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य – प्रधानाध्यापिका श्रीमती रूबी कुमारी ने कृषि, पारिस्थितिकी एवं स्वास्थ्य के बीच संबंधों को रेखांकित किया।
5. निरंतरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों का अनुप्रयोग – पारंपरिक ज्ञान एवं टिकाऊ जीवनशैली के महत्व पर चर्चा।
बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला समन्वयक श्रीमती सीमा सिंह ने राबाविका परियोजनाओं की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा _”राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।”_
इस कार्यशाला में महुआ अनुमंडल से लगभग 315 विज्ञान शिक्षकों की सक्रिय उपस्थिति रही।

अंत में प्रो. नवल किशोर शर्मा ने कहा कि साइंस फॉर सोसायटी का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं आम जनमानस में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करना है।

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