महनार एसडीओ नीरज सिन्हा का तबादला।,अंकित कुमार होंगे नये एसडीओ
वैशाली जिला के महनार में तीन वर्ष पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में योगदान दिए जनाब नीरज सिन्हा जी का तबादला बेगुसराय जिला के तेघड़ा अनुमंडल में होने की खबर मिलते ही महनार वासियों के चेहरे पर उदासी छा गई चुके ये बिहार प्रशासनिक सेवा के तेज तर्रार तजर्बा कार दुरअंदेश नरम दिल मृदुलभाषी मिलनसार पदाधिकारी रहे है इनके यहां अमीर हो या गरीब छोटे हो या बड़े सभी समाज के लिए दरवाजा खोला रहा पीड़ित व फरियादी बेधड़क अपनी फरियाद लेकर जाते और ख़ुश हो कर लौटते क्योंकि वह स़जिदगी से फरियादी की समस्याओं को सुनते और समस्या का हल करते रहे इनका तीन सालों का कार्यकाल बहुत ही अच्छा और सराहनीय रहा है और आशा ही नहीं पूर्ण उम्मीद व विश्वास है कि आगे भी जहां रहेंगे अच्छा रहेगा, नीरज सिन्हा साहब एक गंभीर और सरल स्वभाव के कर्तव्यनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं मुझे बहुत सी समस्या, मसले पर बात चित होती रही है इनके कुशल व्यवहार और ईमानदार छवि ने हर एक लोगों को प्रभावित किया है,किसी भी क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से सच्चे और अच्छे सेवक के रूप में ईमानदारी पूर्वक कार्य करनेवाले व्यक्ति को तबादले से कुछ देर के लिय चेहरे पर उदासी स्वाभाविक है मगर सरकारी जाब्ते व कानून के 
तहत तीन साल पूर्ण होने पर तबादला होना है चुके तबादला प्रशासनिक सेवा का हिस्सा है इसका मकसद है काम में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार रोकना कानून व्यवस्था को दुरस्त करना और विकास कार्यों को गति तेज करना और नये अनुभवो को साझा करना। नीरज सिन्हा साहब जहां भी रहेंगे एक ईमानदार छवि के कर्तव्यनिष्ठ पदाधिकारी ही रहेंगे क्योंकि उन्हें तरक्कीयाती कामों में तेज रफ़्तार कानून व्यवस्था बेहतर बनाएं रखने क्षेत्र में अम्न अमां की फिजा क़ायम करने , और आम अवाम की समस्याओं को हल करने में हमेशा सक्रिय व संवेदनशील रहे हैं इंसान लोगों की खिदमत व सेवा व्यवहार व कार्यों से पहचान बनाते और हर व्यक्ति के दिलों पर राज करते हैं। नीरज सिन्हा जनसेवा कर आम अवाम के दिलों में अलग शिनाख्त कायम किया है जिसे महनार के बाशिंदे इज़्ज़त व कद्र के साथ हमेशा याद रखेंगा । अल्लाह से दुआ है कि इन्हें सेहत व तंदुरुस्ती के साथ लंबी उम्र दे और बड़े ओहदे में तरक्की दे ताकि और ज्यादा से ज्यादा जनहित में कार्य करें और सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ हकदारों तक पहुंचा सकें।
आप आए तो बहारों ने लुटाईं खुशबू।
फूल तो फूल थे कांटों से भी आईं खुशबू।
