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हाजीपुर में बाल विवाह के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान, ‘शिक्षा और अधिकारों’ पर दिया जोर

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हाजीपुर में बाल विवाह के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान, ‘शिक्षा और अधिकारों’ पर दिया जोर

वैशाली जिले को बाल विवाह की कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त बनाने के उद्देश्य से चल रहे ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत हाजीपुर प्रखंड के समाचक हरौली गांव स्थित महादलित टोले में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान (SKSSSS) एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।इस जागरूकता शिविर का मुख्य उद्देश्य हाजीपुर प्रखंड सहित पुरे वैशाली जिले को बाल विवाह से पूरी तरह मुक्त बनाना है।कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड सदस्य राजीव पासवान और संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार ने किया।
*कानूनी प्रावधानों पर जोर*
इस दौरान संस्थान के सचिव एवं जेआरसी के निदेशक डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ कानूनन दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का हवाला देते हुए बताया कि बाल विवाह कराने, उसमें शामिल होने या बढ़ावा देने वाले व्यक्ति को 2 वर्ष तक के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। डॉ. शुक्ला ने कहा कि बाल विवाह को रोकना समाज के उज्जवल भविष्य के लिए अनिवार्य है। संस्थान इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने हेतु कानूनी, सामाजिक और जमीनी स्तर पर निरंतर सतत प्रयास कर रहा है।
*दुष्परिणामों पर चर्चा*
अधिकार मित्र संतोष कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। यह न केवल बच्चों से उनका बचपन छीन लेता है, बल्कि उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और पूरे भविष्य को अंधकार में डाल देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हर बच्चा शिक्षित और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक इस कुप्रथा को पूरी तरह खत्म कर पाना संभव नहीं है। शिक्षा, जन जागरूकता और सभी के सामूहिक प्रयास से ही इस कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।
*स्थानीय जनप्रतिनिधि ने लिया संकल्प*
कार्यक्रम में उपस्थित गांव के सक्रिय वार्ड सदस्य राजीव पासवान ने इस अभियान की सराहना की। उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ चल रही इस मुहिम में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया और अपनी पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने का सार्वजनिक संकल्प लिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शादी कानूनी उम्र के बाद ही करें और आसपास हो रहे बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।

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