*रामकृष्ण मिशन बेलूर मठ में अंतर्राष्ट्रीय विचार सभा में शामिल हुए बिहार के वरिष्ठ पत्रकार डॉ शशि भूषण*
*मिशन के स्वामी जी को वैशाली में होने वाले अगले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आने का न्योता दिया*
*मिशन को समर्पित किया हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर डॉ कुमार ने अपना आलेख*
*मिशन की ओर से स्वामी जी ने भी प्रदान किया विवेकानंद जी की पुस्तक*
31 माई,रविवार को रामकृष्ण मिशन बेलूर मठ में सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर के तत्वावधान में एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विचार सभा एवं भ्रमण समारोह का आयोजन 10:00 बजे से 1:00 बजे तक किया गया l इस अंतरराष्ट्रीय विचार सभा में रामकृष्ण मिशन बेलूर मठ के स्वामी जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वामी विवेकानंद एवं उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस के आध्यात्मिक विचारों से हम सभी पत्रकारों को अवगत करायाl उन्होंने आगे बताया किस्वामी विवेकानंद पर रामकृष्ण परमहंस की गहरी छाप थी। विवेकानंद ने अपने गुरु से अद्वैत वेदांत और सार्वभौमिक प्रेम का ज्ञान प्राप्त किया और उसे पूरी दुनिया में फैलाया। विवेकानंद ने एक बार कहा था—“मुझे जो कुछ भी ज्ञान मिला है या जो भी अच्छे कार्य मैंने किए हैं, वे सब मेरे गुरु रामकृष्ण परमहंस की कृपा का ही परिणाम हैं।”इन दोनों के विचारों का पूरा सार “मानवता की भलाई,
आध्यात्मिकता और आत्म-साक्षात्कार” है, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। इस विचार सभा में मिशन के स्वामी स्वामी जी ने सार्क बेसिक के पत्रकारों के प्रतिनिधि को अपनी ओर से रामकृष्ण परमहंस एवं स्वामी विवेकानंद की कई पुस्तक एवं ग्रंथ भेंट स्वरूप प्रदान किएl इस सभा में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो.अस्मिता मिश्रा, डॉ सुधांशु अनिरुद्ध जीने अपनी अपनी बात विचार सभा में रखें वहीं
बिहार से देश-दुनिया में मानवाधिकार पत्रकारिता के संवाहक व मानवाधिकार टुडे के संपादक डॉ.शशि भूषण कुमार ने अपने लिखे आलेख को स्वामी जी को प्रदान किया और लोकतंत्र की प्रथम धरती वैशाली,भगवान बुद्ध की कर्म भूमि,आम्रपाली की रंगभूमि एवं भगवान महावीर की जन्मस्थली वैशाली के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्हें अगले वर्ष होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वैशाली आने का आमंत्रण दिया l मोहम्मद असगर कमाल, आदिल प्रवेश, नेपालगंज से शुद्ध सूबेदी, मोहम्मद साबिर, शैलेश गुप्ता, सुनील महाराज, पांडे जी सहित दो दर्जन पत्रकार शामिल जिन्हें स्वामी जी द्वारा भेड़ स्वरूप पुस्तक भी प्रदान किया गयाl कार्यक्रम के अंत में स्वामी जी के सहयोगियों ने पूरे रामकृष्ण मिशन के परिसर में रामकृष्ण परमहंस के सारे महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया एवं उनके महत्व को बड़े विस्तार से बताया l अंत में सभी डेलीगेट अतिथियों का मिशन का प्रसाद भोजन स्वरूप कराकर विदा कराया गया l
