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*महुआ में ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती समारोह हर्षोल्लास से संपन्न*

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*महुआ में ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती समारोह हर्षोल्लास से संपन्न*
( वक्ताओं ने कहा- शब्दों से नहीं, आदर्शों पर चलकर दें श्रद्धांजलि )
*महुआ, वैशाली | रिपोर्ट: सुधीर मालाकार*

स्वतंत्र नागरिक मंच, महुआ, वैशाली के बैनर तले 19वीं सदी के महान समाज सुधारक, अछूतोद्धारक एवं नारी शिक्षा के जन्मदाता *महात्मा ज्योतिबा फुले* की *द्विशताब्दी जयंती समारोह* का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।

समारोह का आयोजन *डॉ. ललित कुमार घोष* के नेतृत्व में किया गया, जबकि अध्यक्षता *शिक्षाविद प्रोफेसर वेद प्रकाश पटेल* ने की। सर्वप्रथम उपस्थित जनों ने ज्योतिबा फुले की आदमकद तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

*वक्ताओं के विचार:*
आदर्श तरुण फाउंडेशन निःशुल्क शैक्षणिक संस्थान, बसंतपुर उफरौल के निदेशक *अमर कुमार सिंह उर्फ अमर सर* ने कहा कि ज्योतिबा फुले जातिवाद, पाखंडवाद, ब्राह्मणवाद और सांप्रदायिकता से मुक्ति के लिए हमेशा लड़ते रहे। उन्होंने नारी शिक्षा के उत्थान के लिए अपनी अशिक्षित पत्नी *सावित्रीबाई फुले* को शिक्षित कर प्रथम बालिका विद्यालय की स्थापना की। अछूतों के उद्धार के लिए उन्होंने *सत्यशोधक समाज* की स्थापना की, जिससे समाज में फैली ऊंच-नीच की खाई को पाटने का काम हुआ।

उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे महान विभूति को केवल शब्दों में श्रद्धांजलि न दें, बल्कि उनके बताए हुए आदर्शों पर चलकर ही हम समाज को आगे बढ़ा सकते हैं।

*उपस्थित रहे:*
विचार गोष्ठी को अरुण कुमार सिंह, देवेश्वर राम रमन उर्फ रमन आजाद, रूपेश कुमार, रोहित कुमार, जीतू पासवान, नरेश राम, अधिवक्ता सुरेश कुमार सिंह, अर्जुन कुमार, इंद्रदेव राय, रघुनाथ पासवान, विपिन कुमार, वीर बहादुर शास्त्री, सन्नी कुमार, विकास कुमार, अजय कुमार, अवधेश कुमार, रवींद्र कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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