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शाही का जलवा खत्म होने के बाद चायना लीची बाजार में मचा रही धूम

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शाही का जलवा खत्म होने के बाद चायना लीची बाजार में मचा रही धूम

मिठाई की जगह सगे संबंधियों के यहां लोग सौगात में पहुंचा रहे लीची, यूपी बनारस में महुआ के लीची की मांग अधिक
महुआ। रेणु सिंह
शाही लीची का जलवा खत्म होते ही अब बाजार में चायना धूम मचा रही है। इस समय लोग अपने सगे संबंधियों के यहां मिठाई की जगह सौगात में लीची ही ले जा रहे हैं। हर घर में बच्चे अपने अभिभावक से लीची लाने की मांग कर रहे हैं। जिसके कारण इस समय मिठाई की बिक्री पर ग्रहण लगा है और लीची का मन मिजाज ऊंचा है।
रविवार को यहां बाजार में चायना लीची धाक जमा रखी थी। लीची के शौकीन लोग बाजार से लेकर बगीचे तक पहुंचकर इसकी खरीदारी ही नहीं कर रहे थे बल्कि उसके आकर्षण को देखकर मतवाले भी हो रहे थे। बताया जा रहा है कि खाने से ज्यादा बगान में लाल लाल लीची को झूलते देखकर खुशी और मजा आता है। बच्चे, युवा और युवतियां तो लाल-लाल लीची के फैन हो जाते हैं। हालांकि अब चायना लीची का भी सीजन समापन की ओर है। इसके सीजन समापन होने के कारण कीमत में भी काफी उछाल आई है। बावजूद लोग इस समय एक से बढ़कर एक लजीज मिठाइयों की जगह लीचियां खरीद कर ही सगे संबंधियों से लेकर अपने दोस्तों के यहां भेज रहे हैं। महुआ के बागान में लीचियां खरीदारी को लेकर पहुंचे बच्चे, युवा और युवतियां तो खुशी से झूम उठे। हालांकि अब चायना भी समापन की ओर जा रहा है।
लीची उत्पादन के लिए अग्रणी है महुआ इलाका:
लीची उत्पादन के लिए महुआ का इलाका अग्रणी है। यह इलाका मुजफ्फरपुर से सटे होने के कारण यहां के अधिकतर गांवों में लीची के बागान अधिक है। यहां शाही के रंग, आकार और स्वाद का तो जवाब नहीं। बाद में चायना भी अपनी खूब धाक जमाती है। इसके लाल लाल दाने तो हर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। महुआ इलाके की लीची केंद्रीय मंत्री से लेकर बिहार सरकार के मंत्रियों और पदाधिकारीयों तक सौगात में भेजी जाती है। होटल वाले ने भी बताया कि इधर लीची बाजार में आने के बाद मिठाइयां की बिक्री नहीं के बराबर हो रही है।

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