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आर्चना जैन, लुब्धा पोरवाल और अलीफिया बागस्रावाला द्वारा मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए एक सशक्त नई पहल

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आर्चना जैन, लुब्धा पोरवाल और अलीफिया बागस्रावाला द्वारा मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए एक सशक्त नई पहल


डॉ. मंजू लोढ़ा के हाथों सुहैल खंडवानी और दिलशाद एस खान को किया गया सम्मानित

मधुबनी संवाददाता मो सालिम आजाद

आज की दुनिया में जहाँ बहुत से लोग अपने चेहरे की मुस्कान के पीछे अपनी परेशानियाँ और संघर्ष छिपाए रहते हैं, वहीं वी टु कमोनिटी एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश के साथ सामने आई है आप अकेले नहीं हैं।आर्चना जैन, लुब्धा पोरवाल और अलीफिया बागस्रावाला द्वारा स्थापित और फलोरीयन फोनडेशन मिंट एंड ग्रेट फोनडेशन टु एक्सेंट और की पहल से शुरू हुई वीटू कमोनिटी मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए समर्पित एक संवेदनशील और सुरक्षित मंच है। इसका उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ लोग बिना किसी डर या संकोच के अपनी भावनाएँ व्यक्त कर सकें, अपने अनुभव साझा कर सकें, सुने जा सकें और एक-दूसरे से जुड़कर आगे बढ़ने की शक्ति पा सकें। 19 अगस्त को शारदा मंदिर हाई स्कूल में वीटू कमोनिटी का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन करुणा, मानवता और आपसी जुड़ाव की सोच को समर्पित एक खूबसूरत शुरुआत रहा। कार्यक्रम में विशिष्ट गेस्ट आफ होनोर प्रेरणादायक पैनलिस्ट, समर्थक और शुभचिंतक शामिल हुए, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल को अपना समर्थन दिया। मुख्य अतिथि सम्माननीय डॉ. मंजू लोढ़ा जी, दैनिक मुंबई हलचल के संपादक दिलशाद एस खान व हाजी अली दरगाह और माहिम दरगाह के ट्रस्टी सुहैल खंडवानी जी की गरिमामयी उपस्थिति और आशीर्वाद ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। प्रभावशाली चर्चाओं, भावनात्मक क्षणों, सार्थक संवाद और उत्साह से भरे इस आयोजन ने वीटु कमोनोटी के लिए एक भव्य और बेहद सफल शुरुआत की नींव रखी। संस्थापकों ने इस यात्रा में साथ देने वाले हर व्यक्ति के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। आने वाले समय में वीटु कमोनोटी अपना समर्पित ऐप भी लॉन्च करने जा रही है, जिससे यह समुदाय और भी अधिक लोगों तक पहुँच सकेगा।वीटु कमोनोटी
मिशन, विज़न और उद्देश्य
मिशन: एक सुरक्षित, संवेदनशील और समावेशी मंच तैयार करना, जहाँ हर व्यक्ति बिना किसी निर्णय या भेदभाव के अपनी बात कह सके, सहयोग प्राप्त कर सके और स्वयं को सुना हुआ महसूस कर सके। विज़न: एक ऐसा मजबूत और जुड़ा हुआ समुदाय बनाना जहाँ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिले और कोई भी व्यक्ति अपनी यात्रा में खुद को अकेला महसूस न करे। उद्देश्य: सार्थक संवाद, सपोर्ट सर्कल, जागरूकता अभियानों, विशेषज्ञ सत्रों, वेलनेस गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से भावनात्मक मजबूती बढ़ाना, आपसी जुड़ाव मजबूत करना, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संकोच और कलंक को कम करना तथा लोगों को स्वयं को बेहतर समझने, आगे बढ़ने और एक-दूसरे का साथ देने के लिए सशक्त बनाना।

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