बिहार के युवाओं को डिजिटल क्रिएटिव उद्योग में मिलेगा नया मंच

पटना। बिहार के युवाओं को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), गेमिंग, ग्राफिक डिज़ाइन, यूआई/यूएक्स और डिजिटल मीडिया जैसे उभरते क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए शानदार शुरुआत आज पटना में की गयी है। इसके तहत आज पटना में रिलायंस एनीमेशन अकादमी का शुभारंभ किया गया, जो बिहार की पहली रिलायंस एनीमेशन अकादमी का संचालन एफके मीडिया एंड प्रोडक्शन्स द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और मीडिया जगत से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी आधारित क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और ऐसे में इस प्रकार की संस्थाएं युवाओं के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभिनेता राजेश कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दौर रचनात्मकता और तकनीक का है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी रुचि को सही प्रशिक्षण और मेहनत के साथ जोड़ें, तो एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में बेहतर करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बिहार के विद्यार्थियों को अब इन क्षेत्रों की शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस अवसर पर रिलायंस एनीमेशन अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तेजोनिधि भंडारी तथा बिजनेस हेड संदीप शेट्टी ने संस्थान की प्रशिक्षण व्यवस्था, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लासरूम और प्लेसमेंट सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि विद्यार्थी प्रशिक्षण के बाद रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
एफके मीडिया एंड प्रोडक्शन्स के प्रबंध निदेशक फ़रहान खान ने कहा कि अकादमी का उद्देश्य बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य में ही आधुनिक और व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान राज्य में क्रिएटिव एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र को नई दिशा देगा तथा युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार एवं करियर के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने अकादमी के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का अवलोकन किया और इसे बिहार के कौशल विकास क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
