पांच माह से वेतन नहीं मिलने से मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक भुखमरी के कगार पर : मो. अजमल

सीतामढ़ी। मदरसा डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (एमडीओ) के सचिव मो. अजमल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि बिहार के मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। जांच के नाम पर वेतन भुगतान रोक देना हजारों शिक्षकों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार और संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। परिणामस्वरूप अनेक शिक्षकों के सामने अपने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, इलाज, बैंक ऋण की किस्त, बिजली बिल तथा अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना मुश्किल हो गया है। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
मो. अजमल ने कहा कि यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक या दस्तावेज संबंधी जांच चल रही है तो उसकी प्रक्रिया अलग से जारी रखी जाए, लेकिन शिक्षकों का वेतन रोकना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। जांच की आड़ में शिक्षकों को आर्थिक दंड देना उनके मनोबल को कमजोर करने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को चाहिए कि लंबित जांच का शीघ्र निष्पादन कर सभी शिक्षकों का पांच माह का बकाया वेतन अविलंब जारी करे।
एमडीओ सचिव ने राज्य सरकार, तथा शिक्षा विभाग से मांग की कि शिक्षकों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो राज्यभर के मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी।
