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“जियो नन्ही परी” पहल को मिला राष्ट्रीय सम्मान, स्कॉच अवार्ड-2026 से सम्मानित हुआ वैशाली जिला

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“जियो नन्ही परी” पहल को मिला राष्ट्रीय सम्मान, स्कॉच अवार्ड-2026 से सम्मानित हुआ वैशाली जिला

रिपोर्ट प्रभंजन कुमार

 

नई दिल्ली में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने ग्रहण किया पुरस्कार, जिले में खुशी एवं गौरव का माहौल

 

वैशाली जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि एवं गर्व का क्षण लेकर आया है। बालिका सशक्तिकरण, लैंगिक समानता एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा संचालित अभिनव पहल “जियो नन्ही परी” को प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में पीएचडी हाऊस में आयोजित भव्य समारोह में स्कॉच ग्रुप के चेयरमैन समीर कोचर द्वारा जिलाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह को यह सम्मान दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष देशभर के चुनिंदा जिलों एवं संस्थाओं को विभिन्न नवाचारों एवं जनहितकारी पहलों के लिए स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें बिहार से केवल वैशाली जिले का चयन किया गया। यह उपलब्धि वैशाली जिले के लिए विशेष गौरव का विषय है।
राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त इस सम्मान से जिले में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, जीविका, जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों ने इसे वैशाली जिले की सामूहिक उपलब्धि बताया है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचार एवं जनभागीदारी आधारित प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।उल्लेखनीय है कि “जियो नन्ही परी” अभियान की शुरुआत जिले में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। अभियान के तहत नवजात बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने, परिवारों को सम्मानित करने, बालिकाओं के अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने तथा कन्या भ्रूण हत्या एवं लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध व्यापक जन-जागरण का कार्य किया गया।जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान केवल जिला प्रशासन का नहीं, बल्कि वैशाली जिले के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब बेटियों को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिले। “जियो नन्ही परी” अभियान इसी सोच के साथ प्रारंभ किया गया था और आज राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना है। नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं को सम्मानित कर परिवारों तक यह संदेश पहुंचाया गया कि बेटी किसी भी दृष्टि से पुत्र से कम नहीं है। साथ ही सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाई गई।
जिलाधिकारी महोदया ने कहा कि अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं तथा समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का वातावरण मजबूत हुआ है। यह सम्मान इन प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करेगा तथा जिले में बालिका सशक्तिकरण के क्षेत्र में चल रही गतिविधियों को नई ऊर्जा देगा।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिले की जनता, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों, जीविका दीदियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं अभियान से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान वैशाली जिले को सामाजिक नवाचार एवं जनहितकारी पहलों के क्षेत्र में नई पहचान प्रदान करेगा।यह उपलब्धि न केवल जिला प्रशासन के प्रयासों की स्वीकृति है, बल्कि पूरे वैशाली जिले के लिए गर्व, प्रेरणा और सम्मान का विषय है। स्कॉच अवार्ड-2026 के रूप में प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान निश्चित रूप से जिले में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए चल रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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