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मधुबनी: डॉ. मोहम्मद महताब आलम की पहल पर सरकार का बड़ा कदम, डिग्री कॉलेजों में होगी उर्दू-मैथिली शिक्षकों की बहाली

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मधुबनी: डॉ. मोहम्मद महताब आलम की पहल पर सरकार का बड़ा कदम, डिग्री कॉलेजों में होगी उर्दू-मैथिली शिक्षकों की बहाली

डॉ. मोहम्मद महताब आलम, अधिवक्ता सह सदस्य, जिला औकाफ कमिटी मधुबनी, बिहार की पहल रंग लाई है। उनके द्वारा राज्य सरकार, शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर डिग्री कॉलेजों में उर्दू शिक्षकों की बहाली की मांग उठाई गई थी।

आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि बिहार की द्वितीय राजभाषा उर्दू को नजरअंदाज करना छात्रों के हित में नहीं है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

अब राज्य सरकार द्वारा डिग्री कॉलेजों में उर्दू एवं मैथिली शिक्षकों की बहाली करने का जो निर्णय लिया गया है, उसे एक सकारात्मक और स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उर्दू और मैथिली भाषा के छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि उच्च शिक्षा में भाषाई विविधता को भी मजबूती मिलेगी।

शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि इस निर्णय से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जो अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

डॉ. मोहम्मद महताब आलम ने इस संबंध में बिहार सरकार, शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराया था, जिसके बाद यह निर्णय सामने आया है।

यह निर्णय राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ उर्दू और मैथिली भाषाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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