समान मुआवजा, समान पुनर्वास एवं पारदर्शी राहत नीति लागू करने की मांग

हाजीपुर, वैशाल बिहार अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन, बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष *अमरजीत कुमार यादव* ने महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र प्रेषित कर देश एवं बिहार में सभी नागरिकों के लिए *समान मुआवजा, समान पुनर्वास तथा पारदर्शी राहत नीति* लागू करने की मांग की है।
*क्या कहा संगठन ने:*
श्री यादव ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय एवं गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। किंतु वर्तमान व्यवस्था में दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा अथवा असामयिक मृत्यु की स्थिति में राहत एवं मुआवजा वितरण में गंभीर असमानता दिखाई देती है।
*वर्तमान विसंगति:*
प्रभावशाली व्यक्तियों, उच्च अधिकारियों अथवा सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता, पेंशन, नौकरी एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाती हैं। वहीं दूसरी ओर गरीब मजदूर, किसान, दलित, महादलित, अतिपिछड़ा एवं आम नागरिकों के परिवारों को सहायता प्राप्त करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है तथा जनता के कर से ही शासन व्यवस्था संचालित होती है। इसलिए *प्रत्येक नागरिक के जीवन का मूल्य समान होना चाहिए* और राहत एवं पुनर्वास की नीतियां भी समान, न्यायसंगत एवं पारदर्शी होनी चाहिए।
*संगठन की प्रमुख 8 सूत्री मांगें:*
1. *समान मुआवजा नीति*: पूरे देश एवं बिहार राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान मुआवजा नीति लागू की जाए।
2. *सम्मानजनक सहायता*: दुर्घटना अथवा असामयिक मृत्यु की स्थिति में पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
3. *पारदर्शी प्रक्रिया*: मुआवजा वितरण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए।
4. *भ्रष्टाचार पर रोक*: राहत राशि वितरण में भ्रष्टाचार एवं बिचौलियागिरी पर कठोर कार्रवाई की जाए।
5. *वंचितों को प्राथमिकता*: गरीब, मजदूर, किसान, दलित, महादलित एवं अतिपिछड़ा वर्ग के परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।
6. *शहीद परिवारों का सम्मान*: शहीद सैनिकों एवं उनके परिवारों को सर्वोच्च सम्मान, सुरक्षा एवं सुविधाएं प्रदान की जाएं।
7. *जिला स्तरीय प्रकोष्ठ*: प्रत्येक जिले में पीड़ित सहायता एवं पुनर्वास प्रकोष्ठ का गठन किया जाए।
8. *जवाबदेही तय हो*: मुआवजा भुगतान में देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने केंद्र एवं बिहार सरकार से जनहित में उक्त मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। संगठन का मानना है कि *समान राहत एवं पुनर्वास नीति से सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी* तथा सभी नागरिकों के प्रति समान संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा।
