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महुआ इलाके के विभिन्न गांवों में परंपरागत तरीके से हुई मां काली की पूजा

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महुआ इलाके के विभिन्न गांवों में परंपरागत तरीके से हुई मां काली की पूजा

मां काली की पूजा (आषाढी पूजा) सोमवार को महुआ इलाके के विभिन्न गांवों में पारंपरिक तरीके से हुई। पूजा को लेकर मृदंग की थाप पर मैया के गीत गूंजते रहे। माई को पूजन के लिए महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
महिला श्रद्धालुओं ने मैया को पकवान, मिष्ठान के साथ एक चुटकी सिंदूर चढ़ाकर घर परिवार में शांति, प्रेम और लोगों को निरोग रहने के साथ विश्व कल्याण के लिए कामना की। महिला श्रद्धालु काली माई के गहबर की साफ सफाई करने के बाद उन्हें फूल, फल, चुनरी, मेवा मिष्ठान आदि चढ़ाए। वही मृदंग की थाप पर मैया के पारंपरिक गीत से इलाका गुंजायमान रहा।

यहां फुलवरिया, कन्हौली, बरियारपुर, माधोपुर, मांगुराही, तरौरा, निझमा, मिर्जानगर, रसूलपुर, गंगटी, पहाड़पुर आदि गांव में मां काली की पूजा को लेकर भक्ति परवान पर रहा। यह सलाना पूजा गांव में सार्वजनिक तौर पर पारंपरिक तरीके से होती है। इस पूजा के मौके पर लोगों में श्रद्धा और भक्ति सिर चढ़कर बोलता है।

पूजा को लेकर लोगों में प्रेम और सहयोग की भावना देखी गई।

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