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शिक्षाविद भगवान प्रसाद साहू का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर ।

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शिक्षाविद भगवान प्रसाद साहू का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर 

(हाजीपुर के कौनहारा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि)

सहदेई बुजुर्ग (वैशाली)
वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड क्षेत्र के जाने-माने शिक्षाविद एवं कई शिक्षण संस्थानों के संस्थापक भगवान प्रसाद साहू का निधन उनके निवास सहरिया गांव में हो गया। उनके निधन से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर फैल गई है।
बताया जाता है कि भगवान प्रसाद साहू पिछले कई महीनों से कैंसर रोग से पीड़ित थे। उनका इलाज मुंबई में चल रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश वे जिंदगी से हार गए।
*शिक्षा के क्षेत्र में योगदान:*
भगवान प्रसाद साहू ने कई विद्यालयों में शिक्षक के पद पर रहकर कर्तव्यनिष्ठा से अपनी भूमिका निभाई। पानापुर बटेश्वर नाथ मध्य विद्यालय से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पहाड़पुर तोई, अंधराबर चौक पर संत बी.एस. पब्लिक स्कूल की स्थापना की और आजीवन उसके प्राचार्य के रूप में कार्यरत रहे।
उनके दिशा-निर्देशन में ही बालेश्वर सिंह सुदामा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की स्थापना हुई। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है।
उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान से शुरू होकर बी.एस. पब्लिक स्कूल के प्रांगण पहुंची, जहां शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
उनका अंतिम संस्कार हाजीपुर नारायणी तट स्थित कौनहारा घाट पर संपन्न हुआ, जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी।
वे अपने पीछे दो पुत्र, चार पुत्रियां, पोते-पोतियां और पूरा भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
शोक सभा:
उनके निधन पर बालेश्वर सिंह सुदामा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में निदेशक सुनील कुमार सिंह, डॉ. बी.एन. शर्मा, प्राचार्य आर.एन. सिंह, वीणा भारती, महुआ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी डॉ. उमाशंकर निराला, अनिल कुमार सिंह, दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की।
शिक्षा जगत को हुई यह क्षति आने वाले दिनों में पूर्ण होना संभव नहीं है।

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