*राजद के उपेक्षा से आहत पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने SC-ST राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा*
(*प्रेस वार्ता में फूट-फूटकर रोए, विधान परिषद का आश्वासन पूरा न होने का आरोप*)

*हाजीपुर, वैशाली | रिपोर्ट: सुधीर मालाकार*बिहार सरकार के पूर्व लोक कला एवं संस्कृति मंत्री व महुआ-राजापाकर के पूर्व विधायक *शिवचंद्र राम* ने राष्ट्रीय जनता दल से किनारा कर लिया है। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसमें SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद भी शामिल है।*रोते हुए दी सफाई:*हाजीपुर में प्रेस वार्ता के दौरान शिवचंद्र राम फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा, “मैं राजद का सिपाही हूं, मजदूर हूं। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरा किया। बिहार के दलितों, शोषितों, अति पिछड़ों को गोलबंद कर राजद के पक्ष में खड़ा किया। लेकिन आज पार्टी में मेरे साथ घोर उपेक्षा हो रही है। इसी कारण सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं।”*लालू-तेजस्वी की तारीफ भी की:*इस्तीफे के बावजूद उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तारीफ की। कहा, “ये मेरे प्रमुख नेता हैं। इनके आदेश का पालन करता आया हूं। लेकिन इन दिनों पार्टी में जिस तरह अपमानित किया जा रहा है, उसे अब बर्दाश्त नहीं कर सकता।”*आगे का संकेत:*मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा, “अभी पार्टी के पद से इस्तीफा दिया है। आने वाले दिनों में अगर मेरे साथ अच्छा नहीं रहा तो आगे भी कदम उठाया जा सकता है।”*राजनीतिक गलियारे की चर्चा:*राजनीतिक जानकारों के अनुसार, शिवचंद्र राम को विधान परिषद सदस्य बनाने का आश्वासन दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाया।*पार्टी को झटका:*पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। दबी जुबान से कई ने कहा कि दलित-पिछड़ों में अच्छी पैठ रखने वाले शिवचंद्र राम के जाने से पार्टी को बड़ा नुकसान होगा। “अगर समर्पित कार्यकर्ता की उपेक्षा होगी तो हर कार्यकर्ता मुंह मोड़ लेगा।”फिलहाल पार्टी के शीर्ष नेताओं की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
