मंदिर मस्जिद या किसी भी धार्मिक कार्यों का नींव रखना पुण्य का कार्य: मुखिया भोला राय/सीताराम राय/सोनेलाल राय
भेरोखरा मदीना मस्जिद की स्थापना,ओलमा,शोअरा,सुफिया के हाथों सामुहिक रूप से रखा गया। वैशाली : खुदा के नेक बंदे मुहम्मद नजरुल इस्लाम,मरहूमा सफीना खातून,मुहम्मद मुश्ताक अंसारी, मुहम्मद यासीन अंसारी, मुहम्मद मुख्तार अंसारी, गुलाम मुस्तफा ने सामुहिक रूप से भेरोखरा मदीना मस्जिद में जमीन दान कर बहुत बड़ा पुण्य का कार्य किया है और जन्नत में घर बनाने का भी काम किया जिस पर मौजूद लोगों ने दिल से मुबारकबाद दी और नेक दुआओं से नवाजा इस अवसर पर हाजी मुर्तजा, हाजी मुहम्मद याकूब एवं भेरोखरा के युवा नूर आलम, मुहम्मद साबिर, मुहम्मद फरीद, हैदर अली, आफताब आलम, मुहम्मद जाफर, नूर हसन, मुहम्मद जावेद, मुहम्मद अमजद, मुहम्मद अखलाक, जमशेद रजा, कसीमुल हक, गुलाम सरवर, मुहम्मद मुर्तजा, मुहम्मद खुर्शीद, मुहम्मद उमर, मास्टर मुहम्मद जमील, मदीना मस्जिद के ट्रस्टी मुहम्मद आलमगीर, अध्यक्ष हाजी शौकत अली, मुहम्मद नौशाद, आबिद आलम, साजिद आलम, मुहम्मद अशफाक, कमर-ए-ज़मां, मुहम्मद इलियास, मुहम्मद साबिर, कवि एवं पत्रकार एजाज आदिल शाहपुरी आदि उपस्थित थे। साथ ही प्रभु नारायण सिंह, उमेश प्रसाद सिंह, राम जपी राय, बाल जी राय, वार्ड सदस्य पहलाद राय, विश्नी राम, जय मंगल राय, बुर्ज नंदन राय, पूर्व उप मुखिया हरिओम, सचिव निजामुद्दीन, मास्टर अमीरुल हक, दानिश कादरी, पीर तरीकत सूफी मुहम्मद फूल हसन, पीर तरीकत अल हाज सूफी शाह प्रोफेसर अब्दुल समी, मौलाना जफर आलम, मौलाना गुलाम सर्वर भी मौजूद थे हाफिज अहमद हुसैन कादरी द्वारा कुरान की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद नात रसूल भी पेश की गई। जलसे की अध्यक्षता पीर तरीकत हजरत मौलाना मुहम्मद कासिम-उल-हक यूसुफी ने की, जबकि संचालन कवि मकबूल शहबाज पुरी ने किया।