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नम आँखों के बीच सुपुर्द-ए-ख़ाक हुए सेवानिवृत्त शिक्षक तुफैल अहमद

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नम आँखों के बीच सुपुर्द-ए-ख़ाक हुए सेवानिवृत्त शिक्षक तुफैल अहमद

गम के माहौल में दी गई अंतिम विदाई

मधुबनी, 23 जुलाई। वाट्सन हाई स्कूल, मधुबनी के सेवानिवृत्त शिक्षक एवं सकरी निवासी तुफैल अहमद (85 वर्ष) को गुरुवार को उनके पैतृक गांव शकरी में नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक में शिक्षा जगत, सामाजिक, राजनीतिक तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए। ग़मगीन माहौल में लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

मरहूम तुफैल अहमद की नमाज़-ए-जनाज़ा उनके नाती दानिश अब्दुल्लाह ने पढ़ाई, जिसके बाद उन्हें पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।

तुफैल अहमद का इंतकाल 22 जुलाई को दरभंगा में हुआ था। तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ भर्ती के तुरंत बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।

मरहूम तुफैल अहमद ने अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में वाट्सन हाई स्कूल, मधुबनी तथा एमएलए एकेडमी हाई स्कूल, दरभंगा में शिक्षक के रूप में उल्लेखनीय सेवाएँ दीं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने कुछ वर्षों तक मधुबनी सिविल कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं। शिक्षा के प्रति समर्पण, सादगी, ईमानदारी और समाज सेवा के कारण वे विद्यार्थियों, सहकर्मियों तथा आम लोगों के बीच अत्यंत सम्मानित थे।

नमाज़-ए-जनाज़ा और दफ़्न की रस्म में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, छात्र, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न संगठनों के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मरहूम की मग़फ़िरत की दुआ करते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

सभी ने कहा कि तुफैल अहमद का शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दिया गया योगदान हमेशा याद रखा जाएगा तथा उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी।

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