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छह महीने से वेतन नहीं, मदरसा-संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक परेशान : अशरफ अहमद व जमीर खान

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छह महीने से वेतन नहीं, मदरसा-संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक परेशान : अशरफ अहमद व जमीर खानसरकार तत्काल लंबित वेतन जारी करे, पारदर्शी जांच व नियुक्ति की भी मांग,मो अशरफ अहमद


मधुबनी संवाददाता मो सालिम आजाद

सहायता प्राप्त मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिलने पर ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के जिलाध्यक्ष अशरफ अहमद और महासचिव जमीर खान ने सरकार से तत्काल पहल की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने कहा कि वेतन नहीं मिलने से हजारों शिक्षक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कई परिवारों के सामने राशन, बच्चों की फीस, इलाज और रोजमर्रा के खर्च की समस्या खड़ी हो गई है। शिक्षक समाज और देश का भविष्य तैयार करते हैं, ऐसे में महीनों तक उनका वेतन रोकना बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि मदरसे और संस्कृत विद्यालय बिहार की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जांच और सत्यापन के नाम पर शिक्षकों को परेशान करने के बजाय पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए। जहां अनियमितता हो, वहां जांच की जाए, लेकिन शिक्षकों का वेतन रोकना उचित नहीं है।

अशरफ अहमद और जमीर खान ने छह महीने का लंबित वेतन तत्काल जारी करने, वर्षों से रिक्त पदों पर पारदर्शी नियुक्ति करने तथा मदरसों और संस्कृत विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि शिक्षक किसी एहसान की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी मेहनत की जायज मजदूरी मांग रहे हैं। मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

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