पटना के खुसरूपुर में कब्रिस्तानों की बदहाली पर उठे सवाल: अधूरी घेराबंदी, जलभराव, झाड़-झंखाड़ और अतिक्रमण की चर्चा से लोगों में नाराज़गी

खुसरूपुर (पटना) | विशेष संवाददाता
पटना जिले के खुसरूपुर प्रखंड अंतर्गत लोदीपुर–हैबतपुर पंचायत के दो कब्रिस्तानों की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं और समुचित रखरखाव के अभाव में दोनों कब्रिस्तान उपेक्षा का शिकार नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और पंचायत स्तर पर कई बार मांग उठने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार, हैबतपुर स्थित कब्रिस्तान की पोखर की ओर से आज तक घेराबंदी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके कारण बरसात के मौसम में पोखर का पानी सीधे कब्रिस्तान परिसर में प्रवेश कर जाता है, जिससे कब्रों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। पूरे परिसर में घास-फूस, झाड़-झंखाड़ और जंगली पौधे उग आए हैं, जिससे कब्रिस्तान की पहचान तक प्रभावित हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस कब्रिस्तान की कुछ भूमि पर अवैध अतिक्रमण होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए और सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाना चाहिए।
इधर लोदीपुर स्थित दूसरे कब्रिस्तान की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। सड़क किनारे बनी इसकी बाउंड्री वॉल कई स्थानों से टूट चुकी है, जिससे परिसर पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। यहां भी लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण घास-फूस और झाड़ियां फैल चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कब्रिस्तान की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि कब्रिस्तान केवल दफन स्थल नहीं, बल्कि समाज की धार्मिक और सामाजिक आस्था का केंद्र होता है। इसके बावजूद वर्षों से इसकी अनदेखी की जा रही है। लोगों ने मांग की है कि दोनों कब्रिस्तानों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, टूटी हुई घेराबंदी का पुनर्निर्माण कराया जाए, पोखर की ओर मजबूत बाउंड्री वॉल बनाई जाए तथा यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर भूमि को मुक्त कराया जाए।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, अंचल प्रशासन, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों से मांग की है कि मामले का स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र विकास कार्य शुरू कराया जाए, ताकि कब्रिस्तानों की सुरक्षा, गरिमा और पवित्रता बनी रहे।
यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में बरसात और बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस लंबे समय से लंबित समस्या के समाधान के लिए कब प्रभावी पहल करते हैं।
