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महुआ: “हक़-ए-नुमाइंदगी उम्मीदें बिहार” आंदोलन अब पंचायत स्तर तक,इंसाफ़ अधिकार मंच का बड़ा निर्णय

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महुआ: “हक़-ए-नुमाइंदगी उम्मीदें बिहार” आंदोलन अब पंचायत स्तर तक,इंसाफ़ अधिकार मंच का बड़ा निर्णय

महुआ के पंचमुखी चौक पर आज दिनांक 31 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:00 बजे इंसाफ़ अधिकार मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, पंचायत स्तर पर कमेटियों के गठन तथा “हक़-ए-नुमाइंदगी उम्मीदें बिहार” जन-आंदोलन को पूरे बिहार में व्यापक रूप से चलाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इंसाफ़ अधिकार मंच को पंचायत स्तर तक संगठित एवं मजबूत किया जाएगा, ताकि संगठन आम जनता की आवाज़ बनकर सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत हो सकता है जब समाज के प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या एवं सामाजिक भागीदारी के अनुरूप राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। बिहार के समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की अवधारणा को साकार करने के लिए सभी समुदायों को समान अवसर एवं सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलना आवश्यक है।

इंसाफ़ अधिकार मंच ने कहा कि वर्तमान समय में बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम समाज को उसकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी समुदाय की न्यायसंगत भागीदारी केवल उस समुदाय का विषय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती और समाज के संतुलित विकास का भी महत्वपूर्ण प्रश्न है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंसाफ़ अधिकार मंच पूरे बिहार में मुस्लिम समाज की राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक हिस्सेदारी के मुद्दे को पूरी तरह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जन-आंदोलन का रूप देगा। पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव तक सभी राजनीतिक दलों से आबादी के अनुरूप न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

बैठक में विशेष रूप से वैशाली जिले की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जिले में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या के अनुरूप नेतृत्व और उम्मीदवारों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। मंच का मानना है कि यदि इस विषय पर समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ नहीं उठाएगा, तो भविष्य में प्रतिनिधित्व की स्थिति और अधिक कमजोर हो सकती है। इसलिए सभी लोगों से संगठित होकर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात रखने का आह्वान किया गया।

बैठक में यह भी घोषणा की गई कि अगली बैठक 7 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें इंसाफ़ अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर वैशाली की धरती से “हक़-ए-नुमाइंदगी उम्मीदें बिहार” आंदोलन के व्यापक विस्तार का अभियान शुरू किया जाएगा तथा प्रत्येक पंचायत और गांव तक संगठन को पहुंचाने की रणनीति लागू की जाएगी।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग:
राजू वारसी, एम. जसीमुल हक़, हाजी बब्लू साहब, डॉ. मो. अनवर, मो. दिलशेर, सराफत खान, मो. सलमान उर्फ वसीम तथा मो. रूस्तम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इंसाफ़ अधिकार मंच, बिहार

 

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