EWS अभ्यर्थियों ने लगाई गुहार, STET-CTET में आयु और कटऑफ में छूट की मांग।

हाजीपुर (वैशाली)
बिहार के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग EWS के अभ्यर्थियों ने बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा STET-2025 और CTET में अन्य आरक्षित श्रेणियों की भांति लाभ न मिलने पर नाराजगी जताई है।
छात्रों ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं हाजीपुर सांसद चिराग पासवान को पत्र लिखकर इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र 2026 में गंभीरता से उठाने की प्रार्थना की है।
पत्र में कहा गया है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित STET-2025 में EWS वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है।
बिहार में SC/ST को 5 वर्ष और OBC/EBC को 3 वर्ष की आयु में छूट मिलती है, लेकिन संवैधानिक रूप से आरक्षित होने के बावजूद EWS को यह सुविधा नहीं मिली है।
साथ ही STET-2025 में EWS का उत्तीर्णांक भी सामान्य वर्ग के समान 50% रखा गया है, जबकि अन्य आरक्षित वर्गों को इसमें रियायत दी गई है।
छात्रों ने अपने पत्र में राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण दिया है। इन राज्यों में EWS को शिक्षक पात्रता और सिविल सेवा परीक्षाओं में 5 से 10 वर्ष तक की आयु में छूट प्रदान की जाती है।
छात्रों ने मांग की है कि बिहार में भी अन्य राज्यों की तरह *EWS अभ्यर्थियों को STET एवं CTET में 5 वर्ष की आयु में छूट* दी जाए और *उत्तीर्णांक में 5% की रियायत* प्रदान की जाए।
पत्र में कहा गया है _”इस नीतिगत विसंगति के कारण बिहार के हजारों गरीब मेधावी युवा शिक्षक बनने के संवैधानिक अवसर से वंचित हो रहे हैं।”_
छात्रों ने उम्मीद जताई है कि छात्र हित और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए माननीय मंत्री इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए पहल करेंगे।
