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संत जोसेफ स्कूल, सिंघाड़ा में हर्षोल्लास से मनाई गई गुरु पूर्णिमा ।

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संत जोसेफ स्कूल, सिंघाड़ा में हर्षोल्लास से मनाई गई गुरु पूर्णिमा ।


(ज्ञान, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

महुआ (वैशाली )

संत जोसेफ स्कूल सिंघाड़ा के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा एवं विविध शैक्षणिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए ज्ञान, अनुशासन, प्रकृति संरक्षण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।
### *कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:*
*1. फेस-टू-फेस कार्यशाला*
कार्यक्रम का शुभारंभ कक्षा 8वीं, 9वीं एवं 10वीं के छात्र-छात्राओं के लिए “गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन: उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ” विषय पर कार्यशाला से हुआ।
महुआ सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीता कुमारी एवं सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह ने मार्गदर्शक के रूप में बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयी शिक्षा के साथ नियमित स्वाध्याय जरूरी है। अनुशासन, एकाग्रता और पूर्ण मनोयोग से अध्ययन कर विषय-ज्ञान को समृद्ध करें।
*2. क्विज प्रतियोगिता*
कक्षा 5वीं से 7वीं तक के विद्यार्थियों के लिए “मानसून और स्वास्थ्य” विषय पर रोचक क्विज आयोजित की गई। बच्चों ने वर्षा ऋतु, पोषण और मौसमी सावधानियों पर अपना ज्ञान प्रदर्शित किया।
*3. वृक्षारोपण अभियान*
पर्यावरण संरक्षण को समर्पित वृक्षारोपण में कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों ने औषधीय, सजावटी, सब्जी और फलदार पौधे लगाए। यह अभियान प्रधानमंत्री के “एक पेड़ माँ के नाम” संदेश को समर्पित रहा। बच्चों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।
*4. स्वास्थ्य पेय एवं प्रदर्शनी*
छात्राओं द्वारा लगाए गए पेय स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। पुदीना शरबत, जीरा पानी, सत्तू पानी, नींबू पानी एवं सौंफ शरबत का सभी ने आनंद लिया। आम, अमरूद, नींबू, कटहल, करौंदा आदि फलों की प्रदर्शनी से बच्चों की रचनात्मकता दिखी।

*5. जन-जागरूकता अभियान*
विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुशहर चौक पर स्थानीय दुकानदारों के बीच औषधीय पौधों का वितरण भी किया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।
### *प्रबंध निदेशक का संदेश*
विद्यालय की प्रबंध निदेशक श्रीमती सीमा सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर सह-पाठ्यक्रम, जीवन-कौशल, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण में दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। संत जोसेफ स्कूल इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और लगन, अनुशासन एवं ईमानदारी से ज्ञानार्जन का संकल्प लिया।

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