वक्फ संसोधन बिल के विरोध में पटना में जबरदस्त धरना,मुसलमानों ने कहा “यह हमें मंजूर नहीं”
लालू प्रसाद यादव,तेजस्वी यादव,चन्द्रशेखर,प्रशांत किशोर समेत कई नेता ने किया धरना को संबोधित
रिपोर्ट मोहम्मद आसिफ अता
पटना / हाजीपुर (वैशाली) ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ आज देशव्यापी ‘आंदोलन’ पटना से शुरू हो गया है।पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर मुस्लिम संगठनों का जमावड़ा लगा है।इस धरने में शामिल होने के लिए आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव और तेजस्वी यादव पहुंच चुके हैं।जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर भी समर्थन में धरनास्थल पहुंचे।पटना में मुस्लिम संगठनों का प्रदर्शन: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की ओर से वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ दी गई है।बिहार को बैटल फील्ड बनाया गया है।तमाम राजनीतिक दलों को भी साथ देने के लिए आमंत्रित किया गया है।राजधानी पटना के गर्दनीबाग में बिल के खिलाफ नेताओं और समाजसेवियों का जमावड़ा लगा है।इस धरना में समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मौलाना मोहिब्बुलाह भी मौजूद थे।लालू-तेजस्वी पहुंचे वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बिहार के तमाम राजनीतिक दलों से भी सहयोग मांगा गया है।लालू प्रसाद यादव,नीतीश कुमार और चिराग पासवान से भी लोगों ने समर्थन मांगा है।लालू प्रसाद यादव की टीम के लोग आंदोलन में शामिल हैं और लालू का समर्थन भी मिल रहा है।धरनास्थल पर लालू यादव और तेजस्वी यादव पहुंच चुके हैं।लालू प्रसाद यादव शुरुआती दौर से बिल के विरोध में हैं और उनका समर्थन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को मिल रहा है।क्या बोले तेजस्वी? : वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि, हमारे नेता लालू प्रसाद यादव यहां आपका साथ देने,हम सब आपके हाथ मजबूत करने आए हैं।किसी भी कीमत पर, चाहे सत्ता रहे या न रहे, हमने सदन,विधानसभा और विधान परिषद में इस गैर संवैधानिक,अलोकतांत्रिक बिल का विरोध किया है।”आज हमने कार्य स्थगन प्रस्ताव लाकर इस पर चर्चा की मांग की लेकिन सदन स्थगित कर दिया गया।हम आपको बताना चाहते हैं कि हम इसमें आपके साथ खड़े हैं।हमारी कोशिश है कि यह बिल किसी भी कीमत पर पास न हो। क्या बोली AIMPLB? : ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने मोदी सरकार पर हमला बोला।उन्होंने कहा कि ये बिल साम्प्रदायिक इरादे से लाया गया है।”AIMPLB कोई राजनीति नहीं कर रहा है।हमने सिर्फ यह कहा है कि यह वक्फ विधेयक केवल साम्प्रदायिक इरादे से लाया गया है।यह बिल केवल वक्फ संपत्ति पर कब्जा करने के लिए है।लोगों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है.”- सैयद कासिम रसूल, प्रवक्ता क्या बोले मुस्लिम नेता? धरना प्रदर्शन में शामिल मुस्लिम नेताओं ने कहा कि, सवाल यह है कि हमारी मस्जिद का दरवाजा किधर होगा यह हम तय करेंगे, यह सरकार का काम नहीं है।सरकार का काम इंतजाम करना है, ताकि नाजायज कब्जा न हो, लेकिन सरकार ने अब कानून बदलने का फैसला किया है।सैकड़ों सालों से वक्फ में जो जुबानी काम चल रहा है, वो सही नहीं है।”सरकार ने तय कर दिया कि वक्फ की जमीन पर किसी ने कब्जा कर रखा है, तो 12 साल के अंदर दावा को माना जाएगा।अगर नाजायज कब्जा है तो सरकार का हो जाएगा।लेकिन पुराने बिल में यह था कि कब्जा 50 साल से होगा, लेकिन जमीन वक्फ की है तो अदालत में वो जाएगा और अपने वक्फ की जमीन को वापस लेगा. यह बिल लूटने वालों के साथ है।इसलिए हमारा विरोध है और हम चाहते है कि सरकार इस बिल को वापस लें।अनीसुर्रहमान कासमी, मुस्लिम नेता वक्फ बिल पर केंद्र सरकार के साथ जेडीयू! सब की निगाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी है।नीतीश कुमार की सेक्युलर छवि को लेकर बिल के विरोध में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को समर्थन की उम्मीद है तमाम सेक्युलर सियासत करने वाले लोगों को अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से आमंत्रित किया गया है।देश भर से बिल के विरोध में देश भर से मौलाना और उलेमा इकट्ठा हुए हैं।सरकार संशोधित कानून लाने जा रही है – JPC अध्यक्ष : वहीं जेपीसी अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा, है कि ”ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जिस तरह से वक्फ के नाम पर राजनीति कर रहा है।देश के अल्पसंख्यकों और मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है।जेपीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार संशोधित कानून लाने जा रही है।अभी तो कानून नहीं आया है, लेकिन पहले ही सोची समझी रणनीति के तहत वे लोग आज पटना जा रहे हैं।बिल पर बिहार विधानमंडल में हंगामा: बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान भी विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।विपक्ष ने विधानसभा में वफ्फ बोर्ड संशोधन बिल को लेकर जमकर प्रदर्शन किया है और सरकार से मांग की है कि सदन में प्रस्ताव पारित कर वफ्फ बिल संशोधन का विरोध करें और इसे केंद्र सरकार को भेजने का काम सरकार करें।’वफ्फ का अधिकार छीनने की कोशिश’: भाकपा माले के विधायक महबूब आलम ने कहा कि वफ्फ बिल संशोधन का विरोध लगातार हो रहा है और केंद्र में बैठी सरकार इस मुद्दे को सुन नहीं रही. उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार वफ्फ बोर्ड संशोधन बिल को लागू कर वफ्फ का अधिकार छीनना चाहती है जो की गलत है। “हम लोग चाहते है कि बिहार में बजट सत्र चल रहा है, ऐसे में सरकार को एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर वफ्फ बोर्ड संशोधन का विरोध करे और इसको लेकर केंद्र सरकार को भी अवगत किया जाए।सरकार अगर ऐसा नहीं करती है तो हम लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे और लगातार हम लोगों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। क्या है वक्फ संपत्ति?: ‘वक्फ’ शब्द अरबी से लिया गया है, जिसका अर्थ मुसलमानों द्वारा धार्मिक या धर्मार्थ के लिए दान की गई संपत्ति है. एक बार वक्फ के रूप में नामित होने के बाद संपत्ति को अल्लाह का माना जाता है और इसकी स्थिति अपरिवर्तनीय हो जाती है।यह निजी स्वामित्व या बिक्री से परे हो जाती है। क्यों हो रहा विरोध? यह बिल अगस्त साल 2024 में वक्फ अधिनियम,1995 में संशोधन के लिए संसद में पेश किया गया।इसमें व्यापक बदलाव प्रस्तावित थे।इससे सरकार को वक्फ संपत्तियों को विनियमित करने और ऐसी संपत्तियों से संबंधित विवादों को निपटाने का अधिकार मिलता है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस बिल के जरिए वक्फ की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती है, तो सरकार का तर्क है कि वह वक्फ की संपत्ति का बेहतर इस्तेमाल करना चाहती है और वंचित महिलाओं (मुस्लिम) की मदद करना चाहती है। इस कार्यक्रम में बिहार के अलावा झारखंड,बंगाल,उड़ीसा समेत अन्य राज्यों से बड़ी तादाद में मुसलमानों शिरकत की।वहीं वैशाली जिले से इंसाफ मंच के संयोजक राजू वारसी के नेतृत्व में मोहम्मद जमशेद आलम उर्फ प्यारे,मोहम्मद आसिफ अता,मोहम्मद मेराज ने शिरकत की।जबकि हाजीपुर शहर के मोहम्मद अजीमुद्दीन अंसारी,अनवारूल हसन वस्तवी,प्रोफेसर ए एम इज़हारुल हक,कांग्रेस नेता सद्दाम हुसैन,खुर्शीद अहमद,अमजद नूर,मौलाना अहबाब खतीब व इमाम अनवर पुर जामा मस्जिद हाजीपुर ने शिरकत कर धरना को सफल बनाया।